अनुभव के भट्टी में जो तपते है, दुनियां के बाजार में वही सिक्के चलते है : Kosare Maharaj

अनुभव के भट्टी में जो तपते है, दुनियां के बाजार में वही सिक्के चलते है : Kosare Maharaj


                             मैं सब कुछ और तू कुछ नहीं!! बस यही सोच… हमें इंसान बनने नहीं देती गलत इंसान पे भरोसा करने के बाद ही सही इंसान को पहचानने की समझ आती है अच्‍छे इंसान की सबसे पहली और सबसे आखिरी निशानी ये है कि… वो उन लोगों की भी इज्‍जत करता है, जिनसे उसे किसी किस्‍म के फायदे की उम्‍मीद नहीं होती हमे अपनी ज़िन्दगी में नकारात्मक सोच को. तुरन्त बदल लेना चाहिए, जब आपकी सोच सकारात्मक होगी तभी आपको कामयाबी मिलना शुरू होगी. जीवन में कभी आपको किसी चीज से डर लगे,तो उसे कभी अपने ऊपर हावी मत होने दो,बल्कि उस पर हमला करके उसे खत्म कर दो. जो इंसान हार के डर से कभी आगे नही बढ़ता, अनुभव के भट्टी में जो तपते है, दुनियां के बाजार में वही सिक्के चलते है. 

                         वो इंसान जीवन में कभी कामयाब नही हो सकता. हमे जीवन में कभी गुजरी बातो को नही सोचना चाहिए, और न ही आने वाले कल के बारे में सोच कर परेशान होना चाहिए, जो आज है बस उसी पल में खुश रहना चाहिए. आप अपने जीवन में जब तक कमाओ, जब तक महंगी चीजे सस्ती न लगने लगे. जब भी जीवन में मुश्किल घड़ी आती है, तो कायर पीछे हट जाता है, याद रखना अच्छे वक्त को देखने के लिए बुरे वक्त को भी झेलना पड़ता है. और मेहनती डट जाता है. उनसे मत डरिये जो बहस करते हैं, बल्कि उनसे डरिये जो छल करते हैं. जिस दिन आपको पता चलेगा के, नेकी करने से मन को शांति मिलती हैं, 


                      उस दिन आप बुरा काम करना छोड़ देंगे. नाकामयाब लोग दुनिया के डर से अपने फैसले बदल देते हैं ! और कामयाब लोग अपने फैसले से पूरी दुनिया बदल देते हैं. अमीर इतने बनो कि इस दुनिया की कीमती से कीमती चीज़ खरीद सको. लेकिन कीमती इतने बनो कि इस दुनिया कोई अमीर से अमीर आदमी भी आपको खरीद न सकें. रास्ते कभी खत्म नहीं होते बस लोग हिम्मत हार जाते है ! तैरना सीखना है तो पानी में उतरना पड़ेगा यूं किनारे पर बैठकर कोई गोताखोर नहीं बनता.

कोसारे महाराज :- संस्थापक व राष्ट्रीय अध्य्क्ष

मानव हित कल्याण सेवा संस्था नागपुर

 

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